डुएल कोर्स डबल सावधानी

इन दिनों डुएल कोर्स की महत्ता बढ रही है। यही कारण है कि इससे संबंधित कोर्स युवाओं में काफी हॉट हो रहे हैं। यदि आपकी इच्छा भी डुएल कोर्स में एडमिशन लेने की है, तो आपके लिए बहुत सारे कोर्स हैं, जिन्हें आप अपनी रुचि के अनुरूप चुन सकते हैं, लेकिन कोर्स का चयन करने से पहले इससे संबंधित सारी जानकारी एकत्रित कर लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
डुएल कोर्स

इसके तहत एक ही समयावधि में छात्र एक ही विश्वविद्यालय से दो कोर्स की डिग्री महज एक वर्ष या अधिक समय में प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह के कोर्स में अमूमन एक परंपरागत कोर्स पर आधारित और दूसरा प्रोफेशनल या वोकेशनल डिग्री से जुडा कोर्स होता है। कुछ चुनिंदा और पॉपुलर कोर्स बीई प्लस एमबीए, बीटेक प्लस एमटेक, कम्प्यूटर साइंस प्लस एमटेक, बीबीए प्लस एलएलबी, बीकॉम प्लस एलएलबी, एमबीए प्लस सीएए आदि कोर्स हैं। यदि आप इस तरह के कोर्स करना चाहते हैं, तो इससे संबंधित कुछ बातों का अवश्य ध्यान रखें।
रुचि का रखें ध्यान
किसी भी कोर्स को पूरा करने से पहले अपनी क्षमता का मूल्यांकन खुद ही करें। ऐसा देखा गया है कि अभ्यर्थी कोर्स का चयन बिना अपनी क्षमता को पहचाने ही कर लेते हैं और बाद में उसे पूरा न कर पाने की वजह से आर्थिक और मानसिक हानि उठाते हैं। एक्सप‌र्ट्स के अनुसार, किसी भी कोर्स का चयन आप अपनी मानसिक और आर्थिक क्षमता के मुताबिक ही करें। इसके साथ ही यह कोशिश भी करें कि कोर्स आपकी रुचि और एकेडमिक कोर्सेज से मेल खाता हो।
न आएं झांसे में
इस तरह के कोर्स बहुत सारे फर्जी संस्थान भी चलाते हैं, इसलिए आप इनके झांसे में कभी भी न आएं। आपके लिए बेहतर यही होगा कि आप सबसे पहले संस्थान की असलियत का पता कर लें कि यह मान्यताप्राप्त है या नहीं! यदि किसी विश्वविद्यालय या संस्थान से एफिलिएटेड हो, तो उस संस्थान की वेबसाइट से इसकी जांच कर सकते हैं। यदि उस संस्थान से सीनियर स्टूडेंट आपके आस-पास मिल जाए, तो वह आपको इसकी असलियत के बारे में बेहतर ढंग से बता सकता है।
इन डिमांड हो कोर्स
डुएल कोर्स का चयन करने से पहले यह सोचें कि जो कोर्स आपने चुना है, वह आपको आगे बढाने में कितना सहायक होगा! उसकी बाजार में क्या डिमांड है और भविष्य में आगे बढने का कितना स्कोप है! यदि इस तरह की सोच के साथ आप कोर्स का चयन करते हैं, तो आपको इसका दोहरा लाभ भी मिलेगा।
कोर्स कॉम्बिनेशन है अहम
इस कोर्स के चयन में कॉम्बिनेशन का अहम रोल होता है। इसके लिए सबसे बेहतर विकल्प यही है कि आप अपनी रुचि, क्षमता और बजट के अनुरूप कुछ विषयों में पढाई करने का निर्णय लें और उस विषय के साथ किस तरह के वोकेशनल या प्रोफेशनल कोर्स हो सकते हैं, उसकी एक लिस्ट भी बनाएं। उस लिस्ट में से जो कोर्स आपकी जरूरतों पर सटीक बैठता है, उसका चयन करें। दरअसल, ऐसा करने का फायदा यह होगा कि आप बेहतर कोर्स का चयन आसानी से कर सकेंगे।

Comments

Unknown said…
बहुत बहुत बधाई धन्यवाद्|