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Monday, October 22, 2018

ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स - O level Computer Course in Hindi





हम आपको CCC कंप्यूटर कोर्स के बारे में जानकारी दे चुके हैं इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले हैं कि ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स क्या होता है और इसके क्या फायदे होते हैं तो आइए जानते हैं क्या होता है ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स - O level Computer Course in Hindi

ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स - O level Computer Course in Hindi 
ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स कंप्यूटर का एक बुनियादी कोर्स होता है जिसमें आपको सभी प्रकार की एप्लीकेशन के बारे में जानकारी दी जाती है इसको पूरा करने के बाद आप कंप्यूटर एप्लीकेशंस में परफेक्ट हो जाते हैं और किसी भी यूनिवर्सिटी के सी एस (Computer Science) डिप्लोमा के बराबर हो जाते हैं

जैसे कि मैं आपको पिछली पोस्ट में बताया था कि CCC कोर्स अगर आप कर लेते हैं तो किसी भी प्रकार की सरकारी नौकरी के लिए आप CCC सर्टिफिकेट को लगा सकते हैं लेकिन अगर आप ग्रेड A और ग्रेड B की जॉब के लिए अप्लाई करते हैं तो आपके पास ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स का होना आवश्यक है इसलिए आप अगर किसी भी गवर्नमेंट जॉब के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो आपके पास ओ लेवल या CCC कोर्स सर्टिफिकेट होना जरूरी है -

ओ लेवल कोर्स का सिलेबस - O level course syllabus

यदि आप ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स करना चाहते हैं तो इसके अंदर आपको 4 विषय मिलते हैं और चारों में से गाय के एग्जाम होता है और चारों विषयों का एक-एक एग्जाम होता है इन चारों पेपरों के साथ सब्जेक्ट का प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट भी होता है - 

यह तीन पेपर कंम्‍पसरी होते हैं  - 
  1. M1 R4 (It tools and business system)
  2. M2 R4 (internet technology and web design)
  3. M3 R4 (C programming)
इसमें तीनों में से आपको कोई एक चुनना होता है 
  1. M4 1-R4 (.Net programming)
  2. M4 2-R4 (introduction to multimedia)
  3. M4 3-R4 (ICT Re)
इस प्रकार कुल चार पेपर देने हैं 

ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स करने के लिए शैक्षिक योग्यता

ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स करने के लिए कम से कम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट है या आपके पास ITI का सर्टिफिकेट होना चाहिए अगर आपने 10 वीं के बाद आईटीआई की है तो भी आप को लेवल कंप्यूटर कोर्स कर सकते हैं 

 कैसे करें ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स के लिए अप्लाई

ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स 2 तरीके से किया जा सकता है पहला सीधे यानी कि ऑनलाइन और दूसरा किसी भी इंस्टिट्यूट द्वारा अगर आपको सीधे करने में कोई दिक्कत होती है तो आप किसी भी इंस्टिट्यूट में जाकर एडमिशन ले सकते हैं और अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं वहां से आप को लेवल की तैयारी कर सकते हैं और एग्जाम देकर ओ लेवल का कोर्स कर सकते हैं अगर आपको इंस्टिट्यूट में जाने में कोई दिक्कत होती है तो आप इसका ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं और खुद से तैयारी करके ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं

इसके लिए आपको nielit की वेबसाइट student.nielit.gov.in पर जाना होगा और O level Computer Course के एग्जाम के लिए O level Online Registration कराना होगा और स्वयं अध्ययन के आधार पर कोर्स का ऑनलाइन एग्जाम देना होगा

NIELIT द्वारा ओ लेवल की परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित कराई जाती है पहली जनवरी में और दूसरी जुलाई में इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिए जाते हैं वह लेवल के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जनवरी और जुलाई से पहले कराना होता है अगर आप जनवरी में परीक्षा देना चाहते हैं तो रजिस्ट्रेशन जुलाई से सितंबर तक के बीच में आप करा लीजिए और यदि आप जुलाई में एग्जाम देना चाहते हैं तो रजिस्ट्रेशन जनवरी से मार्च तक करा लीजिए यह रजिस्ट्रेशन आप NIELIT की वेबसाइट पर जाकर खुद से करा सकते हैं यह रजिस्ट्रेशन 5 साल की अवधि तक मान्य होता है यानी 5 साल तक कभी भी आप अपने अकाउंट से लॉग इन करके एग्जाम के लिए अप्लाई कर सकते हैं इस रजिस्ट्रेशन की फीस ₹500 है और इसके अलावा एग्जाम की फीस अलग से देनी होती है.

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क्‍या है क्लाउड कंप्यूटिंग -What is cloud computing in hindi


Cloud storage के बारे में हम आये दिन News और Internet पर पढते रहते हैं, cloud storage एक बहुत ही Useful facility है.
इससे आप अपनी सभी जरूरी files को जैसे Documents, photos, music, videos etc. को Computer के साथ साथ internet पर भी save करके रख सकते हो, यह file दो प्रकार से save की जाती है, Personal and Shared । 
Personal save की गयी File को आपके अलावा कोई ना तो कोई edit कर सकता है और ना ही छेडछाड कर सकता है,


क्‍या है क्लाउड कंप्यूटिंग -

What is cloud computing in hindi





 किन्‍तु Shared files को आप अपने friends और किसी group में convert करने की facility होती जिससे यह advantage  होता है कि यदि आप कोई Project पर work कर रहे हो तो उसे आप अपने group में Easily Shared सकते हो अपनी सुविधानुसार उसे देख सकते हो और उसे convert कर सकते हो एक और facility हमें cloud storage से मिलता कि हमारी files online और offline सेव कर सुरिक्षत रख सकते हैं। साथ ही computer खराब होने पर या उपलब्‍ध न होने पर आप किसी भी जगह, Cyber cafe से या किसी भी Smart Phone से अपनी files को देख सकते है और उन पर काम कर सकते हैं।  

Benefits of Cloud Computing in Hindi

  • सभी files का online व offline backup रहता है ।
  • files को किसी भी स्‍थान पर open करके काम किया जा सकता है।
  • files को एक साथ कई स्‍थान पर Share किया जा सकता है।
  • computer खराब होने की दशा में किसी भी new Computer में files को easily से backup लिया जा सकता है।
  • files को एक साथ Mobile, computer, laptop, tablet में access किया जा सकता है।
  • इस facility का लाभ आप free ले सकते हैं।
  • कोई Additional hardware नहीं लगाना पड्ता है।
  • use करना बहुत ही आसान है यह एक Computer / Windows Explorer की तरह ही दिखाई देता है।
  • files को online भी edit किया जा सकता है।
  • यहॉ सबसे बडा फायदा यह है कि किसी भी size की file को online Share कराया जा सकता है, कोई File Size Limit नहीं होती है, जैसा कि आपको पता होगा कि email के करने के दौरान File attachment 10 MB से ज्‍यादा का मान्‍य नहीं होता है, किन्‍तु इसमें आप किसी भी size की file को online Share करा सकते हो।
  • कहीं भी घूमने समय अपनी Document को use किया जा सकता है।
  • यहॉ 5 GB से लेकर 25 GB तक का Data Online Store किया जा सकता हैा


How To Use Cloud Computing in Hindi

Cloud Computing यूज करने के लिये आपको केवल सम्‍बन्धित Cloud Storage Service उपलब्‍ध कराने वाली Website पर केवल Account बनाना होगा और बस आप कुछ ही Minutes में Cloud Storage Service का लाभ उठा सकते हैं-


Name of websites that provide cloud storage service

  1. Google Drive 
  2. Microsoft Sky Drive 
  3. Yandex.Disk Claudsrvis 
  4. 4Sync 
  5. Drop Box
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जीयूआई आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम का परिचय - Introduction of GUI-based Operating Systems Hindi


सही शब्‍दों में ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Operating Systems) के बिना कंप्‍यूटर टिन के टिब्‍बे से ज्‍यादा कुछ भी नहीं है, ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Operating Systems) ही वह जरिया है जिसकी सहायता से हम अपनी बात कंप्‍यूटर हार्डवेयर तक पहुॅचा पाते हैं या हार्डवेयर को कमांड दे पाते हैं। लेकिन क्‍या कंप्‍यूटर चलाना हमेशा से इतना आसान था जितना कि आज है ? तो जबाब होगा जी नहीं हमेशा से नहीं ये सब आसान हुआ है जीयूआई आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम (GUI-based Operating Systems) आने के बाद से, तो क्‍या आप जानना नहीं चाहेगें कि ये जीयूआई (GUI) क्‍या है और कंप्‍यूटर को कैसे इसने आसान बनाया तो आईये जानते हैं जीयूआई आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम का परिचय - Introduction of GUI-based Operating Systems in Hindi 

जीयूआई आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम का परिचय - Introduction of GUI-based Operating Systems Hindi

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है और इसके प्रकार (What is Operating System & its Types)


सॉफ्टवेयर के प्रकार (Types of Computer Software) में हमने पढा था कि ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Operating Systems) एक सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) होता है यानी ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Operating Systems) आपके कंप्यूटर की जितनी भी आंतरिक गतिविधियां होती हैं उन को कंट्रोल करता है और आपको यानी यूजर को एक ऐसा इंटरफेस प्रदान करता है जिससे वह बड़ी आसानी से कंप्यूटर को ऑपरेट कर सके ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर के रिसोर्सेज जैसे कंप्यूटर की मेमोरी, सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट, हार्ड डिस्क या के अन्य सॉफ्टवेयर को कंट्रोल करता है यह ऐसा पहला प्रोग्राम है जो कंप्यूटर के स्विच ऑन होने के बाद रूम से कंप्यूटर की मुख्य मेमोरी में लोड होता है यह प्रक्रिया बूटिंग (Booting) कहलाती है 

लेकिन यह सब संभव हो पाया जब जीयूआई आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम (GUI-based Operating Systems) अस्तित्व में आए इससे पहले कंप्यूटर को चलाना इतना आसान नहीं था शुरुआती दिनों में कंप्यूटर कंसोल मोड (Console Mode) में काम करता था या नहीं हम केवल कंप्यूटर को कीबोर्ड से कमांड दे पाते थे वहां पर माउस (Mouse) नहीं होता था या और भी कोई ऐसा ऑप्शन नहीं होते जैसे आज के दौर के ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Operating Systems) में होते हैं 

OS
कंसोल मोड (Console Mode) का उदाहरण
आज आपके पास र्स्‍टाट मेन्‍यू है, फाइल मेंन्यू है, क्लोज का बटन है और भी बहुत कुछ है इस तरीके की कोई भी फीचर्स कंप्यूटर में नहीं हुआ करते थे यह पूरी तरीके से कमांड बेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम हुआ करता था जो आज आपके कंप्यूटर में कमांड प्रांप्ट होता है वह कुछ इसी तरीके से काम किया करता था और इसको हर इंसान नहीं चला सकता था कंप्यूटर चलाने के लिए आप को प्रॉपर कमांड का पता होना जरूरी था 

सबसे जीयूआई आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम (GUI-based Operating Systems) सबसे बडी क्रांती माउस के आने बाद हुई जब आप स्‍क्रीन पर कहीं भी कोई भी क्लिक कर मनचाहा काम कर सकते हैं फोटाे एडिटिंग जैसे जटिल काम भी, तो ये जीयूआई क्या है (What is a GUI) आईये जानते हैं 

जीयूआई क्या है (What is a GUI)


जीयूआई (GUI) की फुलफार्म है ग्राफिकल यूज़र इंटरफेस (Graphical user interface) जैसा कि इसके नाम में ही प्रदर्शित होता है यह ऑपरेटिंग सिस्टम ग्राफिक्स पर आधारित होता है यानी आप माउस और कीबोर्ड के माध्यम से कंप्यूटर को इनपुट दे सकते हैं और वहां पर जो आपको इंटरफ़ेस दिया जाता है वह ग्राफिकल होता है या यहां पर सभी प्रकार के बटन होते हैं मेन्‍यू होते हैं जो पूरी तरीके से यह बहुत आसान इंटरफ़ेस होता है जिसको कोई भी यूजर ऑपरेट कर सकता है ग्राफिकल यूज़र इंटरफेस (Graphical user interface) के आने के बाद ऑपरेटिंग सिस्टम में तेजी से विकास हुआ है 

पुराने समय के कंप्‍यूटर के ऑपरेटिंग सिस्‍टम हाेते थे वह CUI यानि Character User Interface पर आधारित होते थे जैसे MS DOC जिसमें केवल कीबोर्ड से ही काम चल जाया करता था लेकिन जब से ग्राफिकल यूज़र इन्टरफेस (GUI) पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्‍टम जैसे विंडोज 95, विडोंज 98 अाने लगे तब से कीबोर्ड से काम करना मुश्किल हो गया और जरूरत पडी ऐसे उपकरण की जिसकी सहायता से स्‍क्रीन पर कहीं भी काम किया जा सकते हैं और तब माउस (Mouse) का अविष्‍कार हुआ 1960 में डग एंजेलबर्ट के द्वारा माउस का अविष्‍कार किया गया था और आपको जानकार आश्‍चर्य होगा कि पहला माउस लकडी का बना हुआ था, जिसमें धातु के दो पहिये लगे हुए थे। यह उस समय की बात है जब कम्‍प्‍यूटर की प्रथम पीढी चल रही थी और कम्‍प्‍यूटर का आकार किसी कमरे के बराबर होता था।

जीयूआई आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम के नाम - GUI Based Operating System Names

  1. माइक्रोसॉफ्ट विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम (Microsoft windows operating system)
  2. यूनिक्स ऑपरेटिंग सिस्टम (Unix operating system)
  3. लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम (Linux operating system)
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सीसीसी कंप्यूटर कोर्स सिलेबस- CCC Computer Course

सीसीसी कंप्यूटर कोर्स सिलेबस- CCC Computer Course सीसीसी (CCC) यानि कोर्स ऑन कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स (Course on Computer Concepts) पिछली पोस्‍ट में सीसीसी कोर्स डिटेल्स हम आपको दे चुके हैं कि सीसीसी कोर्स क्या है और सीसीसी प्रमाण पत्र कैसे प्राप्‍त किया जाता है आप यहांं सीसीसी(CCC) कोर्स की पूरी तैयारी कर सकते हैं हमने यहां सीसीसी कोर्स को पूरा सिलेबस दिया जिसकी सहायता से आप CCC की तैयारी कर सकते हैं - सीसीसी कंप्यूटर कोर्स इन हिंदी- CCC Computer Course in Hindi - ट्रिपल सी कंप्यूटर कोर्स

सीसीसी कंप्यूटर कोर्स इन हिंदी- 

IITM COMPUTER EDUCATION MATHURA MOB 8899251616



सीसीसी कंप्यूटर कोर्स सिलेबस- CCC Computer Course Syllabus
कम्प्यूटर का परिचय (Introduction To Computer)  

    • परिचय 
    • कंप्‍यूटर क्‍या है 
      • कंप्यूटर का इतिहास 
      • कंप्यूटर की विशेषता (Characteristics of Computer)
      • कंप्यूटर की सीमाएं - Limitations of Computer in Hindi
      • कंप्‍यूटर का वर्गीकरण 👇
        • कंप्यूटर की पीढ़ी - computer generations
        • कार्य पद्धति आधार पर कंप्‍यूटर का वर्गीकरण
        • आकार के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार
      • कंप्‍यूटर के सामान्‍य अनुप्रयोग 
    • कंप्‍यूटर की संरचना (Computer Architecture in Hindi)
      • सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू)
      • कीबोर्ड, माउस
      • इनपुट डिवाइस 
      • आउटपुट डिवाइस 
      • कंप्‍यूटर मैमोरी 
    • हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर 
      • हार्डवेयर 
      • सॉफ्टवेयर 
      • प्रोग्रामिंग भाषायें 
        • कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्‍या है
        • एल्गोरिदम क्या है 
        • मशीनी भाषा किसे कहते है
        • प्रोग्रामिंग भाषा क्‍या है
        • प्रोग्रामिंग भाषा के प्रकार
        • उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा
        • प्रोग्रामिंग भाषा अनुवादक
          • असेम्बलर किसे कहते है
            • नेमोनिक कोड क्‍या होते हैं
          • कम्पाइलर किसे कहते है 
          • इंटरप्रेटर क्या है
          • कम्पाइलर और इंटरप्रेटर में अंतर
          • लिंकर और लोडर क्या है
    • डेटा/सूचना का रिप्रजेण्‍टेशन
    • डेटा प्रोसेसिंग 
    • IECT के कॉन्‍सेप्‍ट 
      • ई गवर्नेस 
      • मल्‍टीमीडीया और मनोरंजन 
  1. जीयूआई आधारित ऑपरेटिंग सिस्‍टम परिचय (Introduction To GUI Operating System)
    1. परिचय 
    2. उद्ददेश्‍य 
    3. ऑपरेटिंग सिस्‍टम के बेसिक 
      1. ऑपरेटिंग सिस्‍टम 
      2. लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्‍टम 
    4. यूजर इंटरफेेस 
      1. टॉस्‍कबार 
      2. आइकन 
      3. स्‍टार्ट मेन्‍यू 
      4. एप्‍लीकेशन को रन करना 
    5. ऑपरेटिंग सिस्‍टम की सिम्‍पल सेंटिग 
      1. डिस्‍पले प्रॉपर्टीज को बदलना 
      2. डेट और टाइम को बदलना 
      3. विण्‍डोज कंम्‍पोनेंट 
  2. शब्द संसाधन के तत्व (Elements of word processing)
  3. स्प्रेडशीट (Spreadsheets)
  4. कम्प्यूटर संचार एवं इंटरनेट (Computer communication and internet)
  5. WWW तथा वेब ब्राउज़र (WWW and web browser)
  6. संचार एवं सहयोग (Communication and cooperation)
  7. छोटे प्रस्तुतीकरण का निर्माण (Creation of small presentations)
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ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स - O level Computer Course in Hindi

ईर्ष्या और जलन दोनों में आखिर अंतर क्या है ?

ईर्ष्या और जलन दोनों में आखिर अंतर क्या है ? ज्यादातर लोगो को यह लगता होगा की ईर्ष्या और जलन (Jealousy) एक ही है। दरसल दोनों अलग है। ई...

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