एमएस ऑफिस 2010, ग्रुप में काम करने की सुविधा

हमारे कंप्यूटर में जितने भी सॉफ्टवेयर्स और एप्लीकेशंस होते हैं, उनमें एमएस ऑफिस का अहम स्थान होता है। यह एक ऐसा पैकेज है, जिसकी सहायता से रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाले लगभग अधिकतर काम जैसे डॉक्युमेंट्स बनाना, प्रेजेंटेशन तैयार करना, हिसाब-किताब लिखने से लेकर डाटाबेस मेंटेन करने तक सभी काम किए जा सकते हैं। यदि हम कहें कि एक आम कंप्यूटर यूजर अपने कंप्यूटर पर सबसे अधिक एमएस ऑफिस का ही उपयोग करता है तो शायद यह कहना गलत नहीं होगा। तभी तो यह पैकेज अधिकांश कंप्यूटर का सिरमौर बना बैठा है। माइक्रोसॉफ्ट द्वारा डेवलप एमएस ऑफिस के कई वजर्न आ चुके हैं जैसे ऑफिस 2005, ऑफिस 2007 आदि।
हर एक नया वजर्न नई रंगत में हमारे सामने नए फीचर्स का पिटारा लेकर आता है, जो हमारे काम को और भी आसान बना देता है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए एमएस ऑफिस का नया वजर्न 2010 हमारे बीच उपलब्ध है। चलिए, आज आप से इसी ऑफिस पैकेज की जानकारी सांझा करते हैं और देखते हैं कि क्या-क्या खास है इसमें हमारे लिए।
एमएस ऑफिस 2010 माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विंडोज के लिए लेटेस्ट प्रोडक्टिविटी सूट है, जिसमें कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। इसका यूजर इंटरफेस यूजर्स की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए काफी आकर्षक बनाया गया है। ऑफिस 2007 का रिबन इंटरफेस वर्ड, एक्सेल और पावर-प्वॉइंट में विजिबल होता था। ऑफिस 2010 में इसका दायरा बढ़ा कर इसे आउटलुक, विजिओ, वन नोट में भी शामिल किया गया है।
रिसर्च, डेवलपमेंट, सेल्स, ह्यूमन रिसोर्सेज जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रोफेशनलों के लिए इसे काफी उपयोगी बनाया गया है। ऑफिस 2010 प्रोफेशनल एडिशन के अंतर्गत एमएस वर्ड 2010, एक्सेल 2010, पावर प्वॉइंट 2010, एसेस 2010, आउटलुक 2010, पब्लिशर 2010 आदि को शामिल किया गया है।
रिबन इंटरफेस, बैकसाउंड रिमूवल टूल, लेटर स्टाइलिंग, स्मार्ट आर्ट टेम्पलेट, स्क्रीन कैप्चरिंग और क्लिपिंग टूल्स आदि कई नए फीचर्स आपको यहां मिलेंगे। ऑफिस 2010 में एक फीचर जोड़ा गया है, जिसे सोशल कनेक्टर नाम दिया गया है। इसकी सहायता से ई-मेल से संबंधित काम को आसान और ज्यादा प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है। इतना ही नहीं, इस फीचर की सहायता से फ्रेंड्स रिक्वेस्ट भेजना और एप्वॉइंटमेंट्स को मैनेज करना और भी आसान हो गया है।
ऑफिस 2010 में आप अपने टेक्स्ट, फोटो, वीडियो को काफी आकर्षक बना सकते हैं। इसमें कई नये पिक्चर-ए़डिटिंग इफेक्ट्स जैसे वॉटरकलर, सैचुरेशन, ट्रिमिंग आदि का उपयोग कर अपने डिजाइन को एक नया प्रोफेशनल लुक दे सकते हैं।
यदि एक्सेल 2010 की बात करें तो इसमें डाटा एनालिसिस और विजुलाइजेशन फीचर है, जो आपको डाटा ट्रेंड्स को ट्रैकिंग करने में काफी सहायता करेगा। वहीं पावर-प्वॉइंट 2010 में आप अपने प्रेजेंटेशन स्लाइड्स में वीडियो को भी शामिल कर अपनी प्रेजेंटेशन को और भी प्रभावी बना सकते हैं।
ऑफिस 2010 आपको कई विभिन्न लोकेशंस और डिवाइसेज से अपने सिस्टम से जुड़ने की स्वतंत्रता देता है। कभी-कभी ऐसा होता है कि एक ही फाइल पर कई लोगों को काम करना पड़ता है। भले ही आप में से कई लोग, जो एक ही फाइल पर काम करना चाहते हैं, विभिन्न जगहों पर रहते हैं तो इस पैकेज में आप ऐसा कर सकते हैं। किसी काम को ग्रुप में करने पर यह सुविधा काफी उपयोगी है।
ई-मेल और इन बॉक्स से संबंधित काम को भी आउटलुक 2010 में काफी आसान बनाया गया है। यहां एक साथ आप कई कमांड को एग्जिक्यूट कर अपना समय बचा सकते हैं। साथ ही इनबॉक्स को भी काफी आसानी से बेहतर ढंग से ऑर्गेनाइज कर सकते हैं।
सिस्टम रिक्वॉयरमेंट
यदि आप अपने कंप्यूटर में भी ऑफिस 2010 इंस्टॉल करना चाहते हैं तो इसके लिए आप यह सुनिश्चित कर लें कि आपका सिस्टम इसके लिए तैयार है भी या नहीं। यहां कुछ रिक्वॉयरमेंट दिए जा रहे हैं, जो आपके कंप्यूटर के लिए जरूरी हैं-
प्रोसेसर :  500 MHZ
मेमरी (रैम) : 256 MB
हार्ड डिस्क : 3 GB
डिस्प्ले : 1024X576
सबसे अच्छी बात यह है कि यदि आपके सिस्टम में पहले से ऑफिस 2007 इंस्टॉल है और आप इसे ऑफिस 2010 से अपग्रेड करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपने सिस्टम के हार्डवेयर में कोई परिवर्तन नहीं करना होगा। अगर आप एमएस ऑफिस 2010 से संबंधित अन्य तमाम जानकारियों से अवगत होना चाहते हैं तो आप माइक्रोसॉफ्ट की वेबसाइट www.microsoft.com पर लॉगिन कर सकते हैं।

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