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Showing posts from April, 2014

डेडिकेशन से मिलेगी Success

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कुछ-कुछ होता है, कभी खुशी-कभी गम, मोहब्बतें, कल हो न हो, मैं हूं न और ओम शांति ओम जैसी बॉलिवुड की कई सुपरहिट फिल्मों में कोरियोग्राफी कर चुकीं फेमस कोरियोग्राफर गीता कपूर डांस इंडिया डांस के सीजन 2 समेत तमाम शो में जज बनकर आ चुकी हैं। क्या है उनकी सक्सेस का सीक्रेट, बता रही हैं खुद गीता कपूर.. डेडिकेशन है जरूरी  मैं इस फील्ड से शौकिया जुडी थी, लेकिन जब मैंने पाया कि डांस में भी एक जादू है, जिससे हम दुनिया का दिल जीत सकते हैं, तो मैं जुट गई दिल से इस काम में। उसके बाद मैंने जो भी काम किया, दिल से किया और उसमें पूरी तरह खो गई। मैं समझती हूं कि काम में डूबे बिना सफलता नहीं मिल सकती। लर्न फ्रॉम एक्सपीरियंस मैं हर काम को अपने या दूसरे के अनुभव से जोड कर देखती हूं। यह दरअसल एक जीवन यात्रा की तरह है। आप जीवन भर कुछ न कुछ सीखते ही रहते हैं। जैसे पढने की कोई उम्र नहीं होती वैसे ही सीखने की भी कोई उम्र नहीं होती। जब चाहो पढो, लेकिन दिल से। जब चाहो डांस सीखो..। मैंने पहले भी बताया है कि मैं बच्चों की गुरु कहलाती हूं, वे मुझे मां कहते हैं, लेकिन सच यही है कि मैं भी बच्चों से बहुत कुछ सीखती हूं। जी…

बनाएं लाइफ को स्वर्ग

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1. सही रास्ता चुनें हम तभी कुछ हासिल करते हैं, जब एक टारगेट बनाकर उसी ओर चलते रहते हैं। ऐसा करने से हमें सक्सेस मिलती है, लोग हमारी तारीफ करते हैं। हमारी कामयाबी का गुणगान भी करते हैं। हमें भी खुशी मिलती है, लेकिन यह तभी संभव है, जब हम सही रास्ते पर चलें। इस बात का ध्यान रखें कि गलत रास्ते पर चलकर कभी सक्सेस नहीं मिल सकती। करियर बनाने के लिए हमें बस एक ही राह पर चलना चाहिए। बस, उसी राह को पकडकर आप भी आगे बढते रहें। 2. जरूरी हैं एटिकेट्स   बहुत से लोग कहते हैं कि जो व्यक्ति अच्छा इंसान नहीं बन सका, वह भला रेस्पेक्ट कैसे हासिल कर सकता है। आप अच्छे इंसान बनेंगे, अच्छे-बुरे का ध्यान रखेंगे, तभी लोग आपकी अच्छाइयों को देखकर आपकी तारीफ करेंगे। अगर आप किसी से सम्मानजनक भाषा में बात नहीं करेंगे, समझदारी नहीं दिखाएंगे, तो सक्सेस भी आपके पास नहीं आएगी। आपको न तो सोशल माना जाएगा और न ही किसी खुशी में आपको शरीक होने दिया जाएगा। इन बातों से भी जुडी हुई है आपकी सक्सेस। अगर आप मा‌र्क्स लाने में परफेक्ट हैं, लेकिन बिहेवियर ठीक नहीं है, तब भी आपकी राह में बैरियर आएंगे। इसी बिहाफ पर सेलेक्शन करने वाले सीनि…

काबिलियत से कामयाबी

काबिलियत से कामयाबी
इंजीनिय¨रग
काबिलियत से बनेगी तकदीर आज 12वींबाद हर बच्चा बीटेक करने का ख्वाब यूं ही नहीं पाल लेता है। दरअसल इस क्षेत्र में पिछले दो दशकों में आए जोरदार बदलावों ने इसे सबसे बडा जॉब मार्केट बना दिया है। आज यहां बडी संख्या में काबिल डिग्रीधारकों की जरूरत है। लेकिन इन डिग्रीधारकों में कामयाबी का शिखर उन्हीं को नसीब होगी जिनमें खास गुण मौजूद होंगे। हरदम सीखने का नजरिया- अच्छा इंजीनियर वही है, जो हर तकनीकी गुत्थी को सुलझाने में यकीन रखे। लेकिन आजकल के युवा में इसकी कमी देखी जा रही है। यहां यदि तकनीकी विषयों जैसे मैथ्स, फिजिक्स व केमिस्ट्री पर पकड के साथ रुचि नहीं है, तो सफल नहीं हो सकते हैं। तकनीक की परख- प्रोफेशनल वर्किग के दौरान ये चीजें खासी मदद देंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि डिग्री होल्डर इंजीनियर कंप्यूटर फ्रैंडली तो हैं, लेकिन जिस क्षेत्र में उनसे विशेषज्ञता की दरकार है, उसमें उन्हें महारत नहीं हासिल है। मेडिकल दर्द को समझो अपना दर्द दर्द किसी का भी हो उसे अपने सीने में महसूस करने का हुनर ही आपको मेडिकल के क्षेत्र में सफल बनाएगा। भारत जैसे बडी आबादी वाले देश में जहां स्…

चांस को पहचानें

हाल ही में टेरी यूनिवर्सिटी की ओर से डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित की गईं मशहूर बॉलीवुड अदाकारा और सामाजिक कार्यकर्ता शबाना आजमी हार्ड वर्क और ट्रेनिंग को सक्सेस की सबसे बड़ी की मानती हैं.. शोर यूं ही न परिदों ने मचाया होगा कोई जंगल की तरफ शहर से आया होगा। पेड़ को काटने वाले को ये मालूम तो था जिस्म जल जाएंगे गर सर पे न साया होगा। अपने शायर और कवि पिता कैफी आजमी की ये लाइनें पढ़ते वक्त अभिनेत्री शबाना आजमी काफी भावुक हो उठती हैं। कहती हैं, प्रोग्रेस सही दिशा में होना जरूरी है। उससे भी कहीं ज्यादा जरूरी है कि हम अपनी प्रगति के लिए क्या कीमत चुकाते हैं। वह कीमत ही हमारा भविष्य तय करती है। अनुभवों से सीखते चलें मैंने काफी वक्त मुंबई की झुग्गियों में, अंडर-प्रिविलेज्ड लड़कियों के साथ और आजमगढ़ के टाइनी गांव में गरीबों-बेसहारों के बीच रहकर काम किया है। वहां के अनुभवों से बहुत कुछ सीखा है। ये अनुभव कब आपकी पर्सनैलिटी में शामिल हो जाते हैं, आपको पता भी नहींचलता। इसके बाद आप इन्हींअनुभवों से ही सीखते चले जाते हैं। जिंदगी का कड़वा सच जिंदगी उतनी आसान नहीं, जितनी हम अक्सर सोचते हैं। लेकिन अगर उसकी …

Learn Programming सीखें प्रोग्रामिंग की भाषा

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अगर आप इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी फील्ड में एंट्री करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको सबसे पहले आईटी फील्ड की लैंग्वेज को समझना और सीखना जरूरी है। जानते हैं आईटी इंडस्ट्री में कौन-कौन सी लैंग्वेजेज डिमांड में हैं..
सी-लैंग्वेज सी को मदर ऑफ ऑल प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज भी कहा जाता है। सभी पॉपुलर प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज सी से ही जन्मी हैं। एटी एंड टी बेल लैब्स में काम करने के दौरान डेनिस रिची ने 1972 में इसे डेवलप किया था। सी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली लैंग्वेज है। दुनिया के बेहतरीन कंप्यूटर आर्किटेक्चर्स और ऑपरेटिंग सिस्टम्स सी-लैंग्वेज बेस्ड हैं। सी-लैंग्वेज में स्ट्रक्चर्ड प्रोग्रामिंग के साथ क्रॉस प्लेटफॉर्म प्रोग्रामिंग की भी कैपेबिलिटी है। इसके सोर्स कोड में कुछ बदलाव करके कई कंप्यूटर प्लेटफॉ‌र्म्स और ऑपरेटिंग सिस्टम्स में इस्तेमाल किया जा सकता है। यही वजह है कि माइक्रोकंट्रोलर्स से लेकर सुपरकंप्यूटर्स में सी-लैंग्वेज का इस्तेमाल होता है। एचटीएमएल/सीएसएस एचटीएमएल को हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज कहा जाता है, यह व‌र्ल्ड वाइड वेब के किसी भी कंटेंट की स्ट्रक्चरिंग मार्कअप लैंग्वेज …