सैलरी इनकम पर टैक्स बचाने के लिए कटौती-

सैलरी इनकम पर टैक्स बचाने के लिए कटौती-

  1. वित्त वर्ष के भीतर धारा 80C के अंतर्गत करदाता को 1.50 लाख रुपए के निवेश पर कर छूट मिलती है।
  2. यह निवेश प्रॉविडंट फंड, पब्लिक प्रोवीडेंट फंड, खुद के लिए, अपनी पत्नी और बच्चों के लिए लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम के माध्यम से किया जा सकता है। इसके अलावा दो बच्चों की स्कूल की फीस के जरिए आयकर में छूट प्राप्त कर सकते हैं।
  3. आप नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट और किसी बैंक में पांच साल के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट, म्‍यूचुअलफंड को खरीद कर भी इनकम टैक्स बचा सकते हैं।
  4. धारा 80CCC के तहत आप सालाना फंड में 1.5 लाख तक का निवेश कर सकते हैं।
  5. धारा 80CCD के तहत आप अपने एनपीएस अकाउंट में 1.5 लाख तक का योगदान दे सकते हैं।
  6. ध्यान रहे धारा 80C, 80CCC और 80 CCD के तहत होने वाली कुल कटौती की सीमा को 1.50 लाख से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता है।
  7. अगर आप खुद के या अपनी पत्नी और बच्चों के लिए सालाना 25,000 रुपए का मेडिकल इंश्योरेंस लेते हैं तो धारा 80Dके तहत आप इसके जरिए कर में छूट पा कर सकते हैं।
  8. आप अपने माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेकर 25,000 रुपए के प्रीमियम भुगतान पर कर छूट पा सकते हैं। इसके लिए आपको माता और पिता दोनो के लिए 21,000 रुपए की राशि निवेश करनी होगी।
  9. अगर आप सीनियर सिटिजन है या आपके माता-पिता सीनियर सिटिजन हैं तो आप 20,000 के बजाए 25,000 की छूट का दावा कर सकते हैं।
  10. मेडिक्लेम की समग्र सीमा के भीतर आप स्वास्थ्य जांच के लिए 5,000 रुपए तक की राशि के लिए दावा कर सकते हैं, लेकिन यह भुगतान नकद होना चाहिए।
  11. अगर हेल्थ इंश्योरेंस के लिए भुगतान नकदी की तुलना में अन्य माध्यमों के जरिए हुआ हो तो भी यह कर कटौती के योग्य होता है।
  12. राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम में निवेश की गई राशि में से 50 फीसदी धारा 80 CCG के तहत क्लेम की जा सकती है। इसमें निवेश की अधिकतम लिमिट 50,000 रुपए है।
  13. धारा 80 DD के तहत अपने आश्रित सदस्य जैसे कि पत्नी, माता पिता, बच्चे या भाई बहन के लिए 75000 रुपए मेडिकल खर्चों के तौर पर ले सकतें हैं अगर उन्हें 40 फीसदी विकलांग्ता है। गंभीर विकलांगता में यह लिमिट 1,25,000 रुपए है।
  14. धारा 80DDB के तहत 60 वर्ष से कम की आयु का व्यक्ति किसी विशेष बीमारी के ट्रीटमेंट के लिए 40,000 रुपए तक क्लेम कर सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 60,000 रुपए और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 80,000 रुपए है।
  15. धारा 80E के तहत स्वयं, पत्नी या बच्चे की पढ़ाई के लिए लिया गया लोन कटौती के लिए क्लेम कर सकते हैं।
  16. धारा 24B के तहत होम लोन की ईएमआई पर लगने वाले ब्याज को क्लेम किया जा सकता है। सेल्फ ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी के लिए अधिकतम लिमिट 2 लाख रुपए प्रति वर्ष है।
  17. धारा 80EE– होम लोन के लिए भुगतान किए गए ब्याज पर आईटी एक्ट के अंतर्गत सेक्शन 24 में किसी भी वित्तीय वर्ष में 2 लाख 50 हजार रुपए के टैक्स बेनिफिट के लिए क्लेम कर सकते हैं।
  18. धारा 80G– किसी भी अप्रूव्ड फंड, ट्रस्ट, पूजा के स्थान की मरम्मत आदि के लिए किए गए डोनेशन पर इस सेक्शन के तहत कटौती मिलती है।
  19. धारा 80GG– इस सेक्शन के तहत अपनी सैलरी पर टैक्स तभी बचा सकते हैं अगर आपको एचआरए नहीं मिलता।
  20. धारा 87A– यह उस भारतीय नागरिक को टैक्स रिबेट मिलती है जिसकी कुल आय 5 लाख से कम है।
  21. धारा 80 TTA– इसके तहत अपने सेविंग बैंक, पोस्ट ऑफिस आदि पर मिलने वाले ब्‍याज को भी कर कटौती के लिए क्‍लेम कर सकते हैं, बशर्ते इसकी सीमा 10,000 रुपए से ज्‍यादा न हो।

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